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शनिवार, 17 मार्च 2018

अनुभूति : गांव चलें हम (तृतीय दिवस)


अनुभूति : गांव चलें हम कार्यक्रम हिवरखेड़ी में तीसरे  दिन की शुरुआत बड़ी जोरदार हुई। अन्य दो दिन की तरह यह तीसरा दिन भी रोमांचित और शिक्षित करने वाला है। तीसरे दिन की शुरुआत योग और प्राणायाम से हुई। माननीय अभिषेक पांडेय और मुकेश चौरासे सर के निर्देशन में यह संभव हुआ। प्राणायाम एवं योग के बाद  कुछ समय का विराम लिया गया। सुबह प्राणायाम और योग के बाद बौद्धिक हुआ।

बौद्धिक के माध्यम से टीम को प्रोत्साहित किया गया। बौद्धिक के पश्चात् थोड़ा विराम लिया गया। बौद्धिक के पश्चात् सायंकाल में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से गांव में शिक्षा को प्रोत्साहन की बात किया गया। गांव में गली-गली जाकर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरुक किया ।

नुक्कड़ नाटक के पश्चात् भोजनावकाश टीम के सदस्यों के बीच अनुभव को साझा किया गया। दिन भर में हुई सारी गतिविधियों के अनुभव एक-दूसरे से साझा किए गए। इसी तरह तीसरे दिन की समाप्ति हुई।


शुक्रवार, 16 मार्च 2018

अनुभूति : गांव चलें हम (द्वितीय दिवस)


16 मार्च दिन शुक्रवार को अनुभूति : गांव चलें हम का दूसरा दिवस शुरु हुआ। दूसरे दिवस की शुरुआत सुबह प्रभातफेरी से शुरु हुई। प्रभातफेरी में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविधालय भोपाल की बालक वर्ग की टीम ने हिवरखेड़ी गांव का भ्रमण किया। प्रभातफेरी में टीम ने सारे गांव में भ्रमण कर गांव में अपने गीत के स्वर से समां को गुंजायमान कर दिया। प्रभातफेरी के बाद बौद्धिक के माध्यम से टीम को विभिन्न विषयों पर जागरुक किया गया।

बौद्धिक के बाद टीम ने गांव का दौरा किया जिसमें घर-घर जाकर विभिन्न मुद्दों पर बात की। इन मुद्दों में रहन-सहन, सामाजिक-आर्थिक परिस्थिति, सरकारी योजनाओं, सांस्कृतिक विषयों पर राय ली गई। गरीबों और अमीरों में भेद न करते हुए सभी से उनकी दैनिक दिनचर्या से लेकर शैक्षिक और राजनैतिक विषय पर राय लिया गया

गांव भ्रमण के बाद टीम ने हिवरखेड़ी के समीप स्थित गांव चौकी का भ्रमण किया। हिवरखेड़ी से चौकी तक पैदल चलकर गांव के वातावरण को महसूस किया गया। चौकी गांव पहुंचकर वहां के लोगों के बारे में जाना  और वहां की शैक्षिक, आर्थिक, सामाजिक, व्यासायिक, सांस्कृतिक संबंधी आंकड़ों को इकट्ठा किया गया।

दिन के अंतर्गत में अनुभव साझा करने के बाद इस कार्यक्रम का समापन किया गया।


गुरुवार, 15 मार्च 2018

अनुभूति : गांव चलें हम


शहरी विद्यार्थियों को गांव की जीवन शैली से अवगत कराने के लिए विकासार्थ विद्यार्थी द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन कराया जा रहा है जिसका नाम है अनुभूति : गांव चलें हम। इस कार्यक्रम में कॉलेज और विश्वविधालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गांवों का दर्शन कराया जाना है। इसका मुख्य उद्देश्य  ग्रामीण दर्शन है। यह कार्यक्रम 15-18 मार्च 2018 को मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के गांवों में आयोजित किए जा रहा है। विद्यार्थियों को ऐसे गांव में ले जाया जा रहा है जो उनके जिले का ना हो।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल ग्रामीण व्यवस्था से अवगत कराना ही नहीं बल्कि वहां के लोग को जानना भी है। इसके तहत गांव के लोगों से मिलना, वहां की परिस्थितियां से अवगत होना और साथ ही वहां के पारिस्थितिकी के बारे में जानना भी है। कॉलेज या विश्वविधालय से विद्यार्थियों की टीम किसी गांव जाएंगी और विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में भाग लेगी। इन गतिविधियों में सांस्कृतिक, सर्वेक्षण, प्रभात फेरी, बौद्धिक आदि शामिल है।

ऐसा ही एक कार्यक्रम बैतूल जिले के गांव भडूस और हिवरखेड़ी में सम्पन्न होने जा रहा है। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविधालय भोपाल की दो टीम बालक और बालिका का चयन हुआ। बालकों की टीम का यह कार्यक्रम हिवरखेड़ी में शुरु हुआ। इस कार्यक्रम की शुरुआत 15 मार्च को परिचय से शुरू हुआ और संध्याकाल में बौद्धिक के साथ सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम 15-18 मार्च तक होगा।